सहारनपुर/सरसावा। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश और सहारनपुर का नाम रोशन करने वाली गांव झबीरण की गोल्डन गर्ल प्राची चौधरी के सहारनपुर लौटने पर शुक्रवार को जोरदार स्वागत किया गया। प्राची के स्वागत के लिए सहारनपुर रेलवे स्टेशन से लेकर उनके गांव झबीरण तक बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। ढोल-नगाड़ों, डीजे और फूल-मालाओं के बीच लोगों ने अपनी चहेती खिलाड़ी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्राची चौधरी शुक्रवार दोपहर करीब 12:55 बजे दिल्ली-सहारनपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से सहारनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचीं। उनके आने की खबर पहले से ही लोगों को थी, जिसके चलते स्टेशन पर बड़ी संख्या में समर्थक, ग्रामीण और खेल प्रेमी ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंच गए थे।
जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची और प्राची चौधरी ट्रेन से बाहर आईं, वहां मौजूद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर प्राची का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें पगड़ी पहनाकर भी सम्मानित किया गया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने ढोल की थाप और डीजे की धुन पर जमकर जश्न मनाया।
प्राची के स्वागत को लेकर लोगों में इतना उत्साह था कि कई लोगों ने उन्हें कंधे पर उठाकर खुशी जाहिर की। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए काफी अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी दिखाई दी। इसके बाद प्राची को स्टेशन से बाहर लाया गया, जहां उनके स्वागत के लिए खुली जीप तैयार थी।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन से बाहर आने के बाद प्राची चौधरी खुली जीप में सवार हुईं और वाहनों के काफिले के साथ अपने गांव झबीरण के लिए रवाना हुईं। रास्ते में जगह-जगह लोग प्राची के स्वागत के लिए खड़े दिखाई दिए। लोगों ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।
जैसे-जैसे काफिला गांव की ओर बढ़ा, सड़क पर लोगों की भीड़ भी बढ़ती गई। भीड़ अधिक होने के कारण प्राची को बाद में खुली जीप से उतरकर कार में बैठना पड़ा। वह कार में खड़े होकर सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन करती नजर आईं।
प्राची के स्वागत में बड़ी संख्या में वाहन और डीजे वाहन भी काफिले में शामिल रहे। पूरे रास्ते जश्न का माहौल बना रहा और लोग अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व करते दिखाई दिए।
प्राची चौधरी ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 4×400 मीटर रिले दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक भी जीता।
दो पदक जीतकर प्राची ने न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने गांव झबीरण और पूरे सहारनपुर जिले को भी गौरवान्वित किया। उनकी इस उपलब्धि के बाद से ही गांव में खुशी का माहौल बना हुआ था।
प्राची की सफलता की खबर सामने आने के बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने ढोल की थाप पर खुशी मनाई थी। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और प्राची की इस उपलब्धि को गांव के लिए ऐतिहासिक पल बताया।
सहारनपुर पहुंचने से पहले जब प्राची दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं, तब वहां भी बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद शुक्रवार को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर हुए स्वागत ने उनकी घर वापसी को यादगार बना दिया।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन से लेकर झबीरण गांव तक जिस तरह लोगों की भीड़ उमड़ी, उससे साफ दिखाई दिया कि प्राची की उपलब्धि से स्थानीय लोगों में कितना उत्साह है।
प्राची चौधरी के गांव झबीरण पहुंचने पर परिवार और ग्रामीणों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। गांव में पहले से ही बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के बीच प्राची का स्वागत किया गया।
इस दौरान प्राची अपने परिवार के साथ खुशी में शामिल हुईं और जश्न मनाती नजर आईं। गांव में हर तरफ उत्साह और खुशी का माहौल दिखाई दिया।
प्राची चौधरी की यह सफलता युवाओं और खासकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए भी प्रेरणा मानी जा रही है। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना उनके संघर्ष और प्रतिभा को दर्शाता है।
गांव झबीरण से लेकर सहारनपुर तक प्राची चौधरी की सफलता की चर्चा है और उनके भव्य स्वागत ने इस उपलब्धि को और यादगार बना दिया।
रिपोर्ट: शक्ति जाट