Site is Under Maintenance
Please come back again in...
00
Days
00
Hours
00
Minutes
00
Seconds
दोस्तों, कल ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत की खबर आई। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल के हमले में वो शहीद हो गए, और 1 मार्च को ईरान की स्टेट मीडिया ने कन्फर्म कर दिया। पूरे ईरान में 40 दिन का मातम शुरू हो गया। लेकिन भारत में भी इसका असर दिख रहा है।
यूपी के बिजनौर जिले में शिया समुदाय ने खामेनेई की शहादत पर गहरा गम जताया। शेरकोट कस्बे में लोगों ने शोक रैली निकाली, काले झंडे फहराए और आक्रोश जताया। बच्चे भी इस इजहार-ए-गम में शामिल हुए – कुछ रोते हुए, कुछ मोमबत्ती जलाते हुए। नगीना में भी जामा मस्जिद के इमामबाड़े पर फतेहा पढ़ी गई, मोमबत्तियां जलाई गईं और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया।
AajTak ने आज 2 मार्च 2026 को रिपोर्ट किया कि शेरकोट में शिया भाई पूरी शांति से रैली कर रहे थे। Dainik Bhaskar ने भी लिखा कि नगीना में समुदाय ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। अमर उजाला और हिंदुस्तान ने भी बिजनौर का ये मातम कवर किया। ये सब कल और आज की ताजा खबरें हैं, 2-3 बड़े न्यूज पोर्टल से क्रॉस-चेक किया गया।
बिजनौर में शिया कम्युनिटी हमेशा से ईरान के लीडर्स को अपना मानती है। खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे, 86 साल के थे। उनकी मौत के बाद UP में हाई अलर्ट भी जारी किया गया ताकि कोई गड़बड़ न हो। लेकिन बिजनौर में सब शांतिपूर्ण रहा – सिर्फ गम और गुस्सा था। लोग कह रहे थे “या हुसैन हम हुए तो तुम ना हुए” जैसी नारे भी लगे।
ये घटना दिखाती है कि कितना गहरा कनेक्शन है शिया भाइयों का ईरान से। बिजनौर, नगीना, शेरकोट – सब जगह मातम का माहौल है। बच्चे तक शामिल हो रहे हैं, ये बात दिल छू जाती है। पूरी दुनिया में ईरान में भी हजारों लोग सड़कों पर रो रहे हैं, लेकिन भारत के बिजनौर में ये छोटा सा लेकिन सच्चा गम दिख रहा है।
अगर आपको ये खबर पसंद आई तो शेयर जरूर करें। बिजनौर में अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर मातम, UP न्यूज, शिया समुदाय, 2 मार्च 2026 – ये सब डिटेल्स आपके लिए। आगे क्या होगा, अपडेट्स के लिए बने रहिए।