उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में 9 मार्च 2026 को एक ऐसी घटना घटी जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। भूतेश्वर मंदिर के महंत प्रशांत गिरी, जिन्हें लोग गोलू पंडित के नाम से भी जानते हैं, पर करीब 50-60 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। वजह? दो दिन पहले वायरल हुआ एक वीडियो, जिसमें महंत जी को रेस्टोरेंट में नॉन-वेज खाते दिखाया गया था। ये देखकर लोग इतने गुस्से में आ गए कि मंदिर पहुंचकर उन्हें घेर लिया और पीटने लगे।
कानपुर के इस हादसे की खबर जैसे ही फैली, पूरा शहर हिल गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महंत प्रशांत गिरी मंदिर में पूजा कर रहे थे जब अचानक गुस्सैलो की भीड़ दौड़ती हुई आई। वो चिल्ला रहे थे कि एक महंत का नॉन-वेज खाना धर्म के खिलाफ है। भीड़ ने उन्हें खींचा, मुक्के मारे, और हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को दौड़कर आना पड़ा। पुलिस ने महंत जी को बचाया और उन्हें थाने ले गई। रेडिफ न्यूज के अनुसार, ये सब 9 मार्च 2026 की दोपहर को हुआ, जब वायरल वीडियो का गुस्सा चरम पर था।
यूपी – कानपुर में भीड़ ने भूतेश्वर मंदिर के महंत प्रशांत गिरी उर्फ गोलू पंडित को पीटा !!
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 9, 2026
महंत का 2 दिन पहले नॉनवेज खाते Video वायरल हुआ था, तभी से लोग गुस्से में थे। pic.twitter.com/xykz0mK0vy
अब सवाल ये उठता है कि आखिर एक पुरुष अपनी पसंद का खाना क्यों नहीं खा सकता? महंत प्रशांत गिरी ने बाद में बताया कि वीडियो पुराना है और वो कभी-कभी बाहर खाते हैं, लेकिन ये सुनने के बाद भी लोग शांत नहीं हुए। फ्री प्रेस जर्नल में छपी स्टोरी कहती है कि कानपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश जारी है। लेकिन ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है – क्या सोशल मीडिया पर वायरल होना किसी की जिंदगी पर हमला बन जाता है? कानपुर जैसे शहर में जहां धार्मिक भावनाएं इतनी गहरी हैं, ऐसे विवाद आसानी से भड़क जाते हैं।
9 मार्च 2026 को कानपुर भूतेश्वर मंदिर के बाहर जो तमाशा हुआ, वो सिर्फ एक महंत की पिटाई नहीं था, बल्कि समाज की उस कट्टरता का आईना था जो छोटी-छोटी बातों पर हिंसा को जन्म देती है। लेटेस्टली की रिपोर्ट में वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे लोग महंत को घसीट रहे थे। महंत जी को चोटें आईं, लेकिन ज्यादा नुकसान उनकी इज्जत को हुआ। अब सवाल ये है कि क्या मंदिर कमिटी उन्हें पद से हटा देगी, या पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी?
कानपुर में 9 मार्च 2026 की ये घटना हमें याद दिलाती है कि धर्म का मतलब हिंसा नहीं, बल्कि शांति है। अगर कोई गलती हुई तो बातचीत से सुलझानी चाहिए, न कि मुक्कों से। सोशल मीडिया के इस दौर में हर वीडियो वायरल हो जाता है, लेकिन हमें अपनी भावनाओं को काबू में रखना होगा। कानपुर पुलिस ने कहा है कि जांच चल रही है और दोषियों को सजा मिलेगी। उम्मीद है कि यूपी के इस शहर में जल्द शांति लौट आए।
अगर आप भी इस कानपुर महंत प्रशांत गिरी हमले के बारे में सोच रहे हैं, तो कमेंट में बताएं। क्या आपको लगता है कि नॉन-वेज खाना इतना बड़ा अपराध है? या ये सिर्फ बहाना था? इस तरह की घटनाओं से सीखते हुए हम सबको मिलकर समाज को बेहतर बनाना होगा।