सरसावा (सहारनपुर)। आर्य समाज सरसावा में साप्ताहिक सत्संग एवं यज्ञ के बाद एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संसद में मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणी पर आर्य समाज के सदस्यों ने नाराजगी जताई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक रूप से बयान देते समय मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए। सदस्यों ने मल्लिकार्जुन खड़गे से अपनी टिप्पणी वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि यदि मनुस्मृति में कथित रूप से ऐसे शब्द मौजूद हैं, तो इस विषय पर शास्त्रार्थ या तथ्यात्मक चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश के प्रमुख राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं के बयानों का समाज पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
इस अवसर पर संजीव आर्य, अरुण वर्मा, प्रवीण वर्मा, कुलदीप आर्य, आर्यवीर, मुदित आर्य, प्रवीण फौजी आर्य, अवनीश आर्य, राजेश आर्य, राजेंद्र आर्य, विजेता आर्य, आराध्या आर्य, प्रज्ञा आर्य, सोनू आर्य, वेद प्रकाश आर्य, दीक्षांत शर्मा, एंजेल जय प्रकाश, अनंत आर्य, अर्निका आर्य सहित आर्य समाज के प्रधान, कोषाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट: अमित कश्यप