भगवानपुर/हरिद्वार। सार्वजनिक चकमार्ग पर कथित अतिक्रमण को लेकर तहसीलदार भगवानपुर को शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता शीशपाल पुत्र कालूराम, निवासी बंजारा वाला ग्रांट, जिला हरिद्वार ने हरिओम मिनरल एंड माइन स्टोन क्रेशर से जुड़े लोगों पर चकमार्ग को प्रभावित करने का आरोप लगाया है और राजस्व अभिलेखों के आधार पर रास्ते को दोबारा खुलवाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, खसरा संख्या 375, रकबा 0.0620 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक चकमार्ग के रूप में दर्ज है। शिकायत में कहा गया है कि 20 नवंबर 2025, 29 अप्रैल 2026, 31 अगस्त 2026 और 19 सितंबर 2026 को अलग-अलग मौकों पर संबंधित विभागों की टीमों ने मौके का निरीक्षण किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजस्व निरीक्षक द्वारा चकमार्ग की निशानदेही किए जाने के बावजूद रास्ते को पूरी तरह नहीं खोला गया। आरोप के मुताबिक, बाद में चकमार्ग के बीच दीवार खड़ी कर दी गई और मार्ग को भी नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 27 जनवरी 2026 और 7 अगस्त 2026 को इस मामले को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। इसके बाद 29 अप्रैल और 31 अगस्त 2026 को विभागीय टीमों द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने 19 सितंबर 2026 के निरीक्षण का हवाला देते हुए कहा है कि मौके की रिपोर्ट में करीब 72 वर्ग मीटर भूमि पर उसके द्वारा अतिक्रमण दर्शाया गया, जबकि शेष 548 वर्ग मीटर भूमि की स्थिति को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस हिस्से में स्टोन क्रेशर से जुड़े लोगों ने कब्जा कर चकमार्ग के बीच दीवार खड़ी कर दी। साथ ही रास्ते को खोदकर क्षतिग्रस्त करने और चकमार्ग के दक्षिणी हिस्से में क्रशिंग मैटेरियल का ढेर लगाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने तहसीलदार भगवानपुर से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर पूरे चकमार्ग की दोबारा पैमाइश और सीमांकन कराया जाए। इसके बाद यदि जांच में अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाकर सार्वजनिक रास्ते को पूर्व स्थिति में बहाल कराया जाए।
शिकायत के साथ निरीक्षण रिपोर्ट और मौके की तस्वीरें भी संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।
फिलहाल उपलब्ध शिकायत के आधार पर यह मामला आरोप और प्रशासन से की गई मांग के स्तर पर है। स्टोन क्रेशर संचालक या स्वामियों का पक्ष इस शिकायत में उपलब्ध नहीं है। इसलिए अतिक्रमण के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन की अंतिम कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
घटना/मामला: सितंबर 2026
स्थान: बंजारा वाला ग्रांट, तहसील भगवानपुर, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड
शिकायतकर्ता: शीशपाल पुत्र कालूराम
रिपोर्ट: वसीम