सरसावा (सहारनपुर)। सरसावा में शांतिधाम के पास स्थित करीब 20 बीघा बाग में हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, बाग में दो दिनों के भीतर 100 से अधिक मजदूरों को लगाकर बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए। इसके बाद जमीन पर ट्रैक्टर चलाए जाने की बात भी कही जा रही है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, शांतिधाम के पास स्थित बाग में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप है। आरोप है कि पेड़ काटने के बाद जमीन पर ट्रैक्टर भी चलाया गया, जिससे पेड़ों की जड़ों के निशान मिटने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके की जांच कराई जाए तो पेड़ों की जड़ों और कटाई से जुड़े अन्य साक्ष्यों का पता लगाया जा सकता है।
मामले को लेकर थानाध्यक्ष का कहना है कि यह वन विभाग से संबंधित मामला है। वहीं, वन विभाग की ओर से तीन लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की बात कही गई है।
हालांकि, कितने पेड़ काटे गए, पेड़ों की प्रजातियां क्या थीं, कटाई की अनुमति ली गई थी या नहीं और जुर्माने की राशि किन नियमों के तहत निर्धारित की गई, इन बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि करीब 20 बीघा क्षेत्र में कितने पेड़ मौजूद थे और इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के मामले में क्या केवल जुर्माना पर्याप्त है? लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि कटाई की वास्तविक संख्या, भूमि की स्थिति और संबंधित नियमों के अनुपालन का पता चल सके।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वन विभाग से मामले की जांच कराने, मौके पर मौजूद अवशेषों और जड़ों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल, पेड़ों की वास्तविक संख्या, कटाई की अनुमति और जुर्माने से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: भगवत मेहरा