सहारनपुर (Uttar Pradesh) में पत्रकारों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा के नेतृत्व में जिलाधिकारी अरविन्द चौहान से मिला और उन्हें औपचारिक रूप से स्वागत किया।
शुक्रवार को हुई इस मुलाकात में एसोसिएशन की ओर से एक आधिकारिक पत्र (memorandum) सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि जिले में पत्रकार स्थायी समिति (Journalist Permanent Committee) की बैठक हर महीने नियमित रूप से कराई जाए।
• शासन के नियमों के अनुसार हर जिले में यह समिति बनना जरूरी है
• लेकिन सहारनपुर में अभी तक इसका गठन नहीं हुआ है
• इसी वजह से पत्रकारों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं
एसोसिएशन के अनुसार,
• कई बार छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं
• अगर हर महीने बैठक हो, तो इन्हें बातचीत से आसानी से सुलझाया जा सकता है
• इससे journalists aur administration ke beech trust भी मजबूत होगा
जिलाधिकारी अरविन्द चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि:
• वह इस मामले में शासनादेश की जांच कराएंगे।
• और जल्द ही समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस दौरान कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
• अनिसुर रहमान सिद्दीकी (उपाध्यक्ष)
• नवाजिश खान (प्रशासनिक महामंत्री)
• वेद प्रकाश पाण्डेय (महामंत्री संगठन)
• संजय चौधरी (महानगर अध्यक्ष)
• मोनू कुमार, विनोद कश्यप, जुहेब, सुभाष कश्यप, पारस पंवार आदि शामिल रहे
DM से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की।
उन्होंने:
• पुलिस अधीक्षक देहात मंयक पाठक
• और एसएसपी सिटी ब्योम जिंदल
से मुलाकात कर पत्रकारों की समस्याएं रखीं।
• पुलिस और पत्रकारों के बीच communication gap
• जानकारी समय पर साझा न होने की समस्या
• ground level पर coordination की कमी
• पत्रकारों को जरूरी जानकारी समय-समय पर दी जाएगी
• नई नीतियों और निर्देशों से अपडेट रखा जाएगा
यह पूरा मामला साफ दिखाता है कि सहारनपुर में पत्रकार अपने अधिकार और बेहतर working environment के लिए सक्रिय हो रहे हैं।
अगर यह समिति बनती है, तो इससे:
• communication improve होगा
• गलतफहमियां कम होंगी
• और reporting process ज्यादा smooth बनेगा