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चांदपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति फेज 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत थाना चांदपुर पुलिस द्वारा महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अभियान में मिशन शक्ति टीम की महिला आरक्षी 1265 प्रीति चौधरी, महिला आरक्षी 463 सोनम तथा रिक्रूट महिला आरक्षी प्रीती ने थाना चांदपुर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को एकत्रित कर उन्हें महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, बाल विवाह मुक्त अभियान तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर ठगी, बाल विवाह, महिला उत्पीड़न या अन्य अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। साथ ही उन्हें जागरूक किया गया कि समय पर शिकायत करने से अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
अभियान के दौरान महिलाओं को विधवा पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा नशा मुक्ति भारत अभियान जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि पात्र लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
इसके अतिरिक्त महिलाओं और बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए। उन्हें वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, स्वास्थ्य सेवाएं 102 एवं 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही संबंधित नोडल अधिकारियों के संपर्क नंबर भी साझा किए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके।
थाना चांदपुर पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना किसी डर के पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है।