कालागढ़ खबर | रामकुमार सैनी की रिपोर्ट
कालागढ़, उत्तराखंड। कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र, कालागढ़ में वन्य प्राणी सप्ताह-2026 का समापन धूमधाम से किया गया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों के दौरान निबंध प्रतियोगिता, मानव-वन्यजीव संघर्ष पर जागरूकता गोष्ठी और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों को कप देकर सम्मानित किया गया।
वन्य प्राणी सप्ताह के अंतिम दिन को हाथी दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली ने विभागीय हाथियों की सेवा करके की। इस दौरान उन्होंने हाथियों को गुड़, गन्ना, आटे के लड्डू, केले और सब्जियां खिलाईं।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली ने कहा कि हाथी पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वन्यजीवों के संरक्षण और उनके सुरक्षित जीवन के लिए समाज का सहयोग जरूरी है। उन्होंने हाथियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान हाथीशाला में मौजूद विभागीय हाथी सावन, गजराज और दो अन्य हाथी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने उत्साह के साथ अपने हाथों से हाथियों को खाना खिलाया और उनके करीब रहकर वन्यजीवों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को हाथियों के महत्व और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। ऐसे कार्यक्रम लोगों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध और खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को समापन समारोह में कप देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कालागढ़ रेंज और वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के स्टाफ के साथ 37 प्रशिक्षु वन आरक्षियों ने प्रतिभाग किया।
सप्ताह भर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रति जागरूकता और प्रकृति के महत्व को समझाना रहा।
कार्यक्रम के अंत में जलपान का आयोजन किया गया। इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली ने कार्यक्रम में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षु वन आरक्षियों का आभार व्यक्त किया।
कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र, कालागढ़ में आयोजित वन्य प्राणी सप्ताह-2026 का समापन वन्यजीव संरक्षण और हाथियों की सुरक्षा का संदेश देते हुए किया गया।
रिपोर्ट: रामकुमार सैनी