सहारनपुर: शामली–अंबाला नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम सालारपुर की टंकी के पास बने पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति (अ.रा.) का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संगठन का धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी प्रेम सिंह राणा ने किया, जबकि संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन अब तक पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए रास्ता बनाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
किसान यूनियन का कहना है कि सालारपुर टंकी पुल पर उचित रास्ता न होने के कारण आसपास के लगभग 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है और अब इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
धरने में मौजूद किसानों ने बताया कि सालारपुर क्षेत्र में स्थित सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर और बाबा खाटूश्याम मंदिर में दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा सांप के काटे हुए मरीजों को भी इसी मार्ग से अस्पताल या उपचार के लिए ले जाया जाता है। पुल पर चढ़ने और उतरने का रास्ता न होने के कारण इन लोगों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यह केवल ग्रामीणों की सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि जनहित और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो संगठन आगे आंदोलन को और व्यापक रूप देने पर विचार करेगा। किसानों ने सरकार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से मांग की है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए सुरक्षित रास्ते का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर रास्ता बनने से केवल सालारपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के अनेक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे श्रद्धालुओं, किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों का आवागमन भी आसान और सुरक्षित हो सकेगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करेगा।
धरना स्थल पर किसानों ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है। आने वाले दिनों में प्रशासन और किसान संगठन के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।